जम्मू एवं कश्मीर में सहकारी आंदोलन
संविधानिक पुनर्गठन के पश्चात वर्ष 2019 से जम्मू एवं कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में सहकारी विकास पर नया जोर देखा गया है। ऐतिहासिक रूप से, प्रशासनिक और वित्तीय चुनौतियों के कारण जम्मू-कश्मीर में सहकारी क्षेत्र का समुचित उपयोग नहीं हो पाया था। हालांकि, हाल के वर्षों में इस महत्वपूर्ण क्षेत्र को पुनर्जीवित करने हेतु अनेक सुधार और निवेश किए गए हैं।
संगठनात्मक संरचना
जम्मू और कश्मीर में सहकारी ऋण प्रणाली तीन-स्तरीय ढांचे पर आधारित है, जो बैंकिंग, कृषि, और ग्रामीण विकास को कवर करती है:
• राज्य स्तर:
o जम्मू और कश्मीर राज्य सहकारी बैंक (J&K State Cooperative Bank) – सहकारी बैंकिंग की शीर्ष संस्था
• जिला स्तर:
o जम्मू केंद्रीय सहकारी बैंक
o अनंतनाग केंद्रीय सहकारी बैंक
o बारामुला केंद्रीय सहकारी बैंक
• ग्राम स्तर:
o प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ (PACS) – ये जमीनी स्तर पर वित्तीय एवं सहकारी सेवाएं प्रदान करने वाली इकाइयाँ हैं।
प्रमुख सहकारी संस्थाएँ
• जम्मू और कश्मीर राज्य सहकारी बैंक: सहकारी ऋण के क्षेत्र में अग्रणी शीर्ष संस्था।
• जम्मू केंद्रीय सहकारी बैंक: 1914 में स्थापित यह बैंक जम्मू क्षेत्र में विस्तृत नेटवर्क के साथ कार्य करता है और देश के प्राचीनतम सहकारी बैंकों में से एक है।
• राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (SCARDB): किसानों और कृषि उद्यमियों को दीर्घकालिक, अनुदानित निवेश ऋण उपलब्ध कराता है।